रिम्स में 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने सीखा शोध व वैज्ञानिक लेखन का हुनर
रांची, जुलाई 24 -- वरीय संवाददाता। रिम्स के कॉलेज ऑफ नर्सिंग में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को संपन्न हुआ। 'बेंच टू बुकशेल्फ: शोध को प्रकाशन योग्य साक्ष्य में रूपांतरित करना' विषय पर 24-25 जुलाई को आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य नर्सिंग पेशेवरों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के शोध एवं वैज्ञानिक लेखन कौशल को सुदृढ़ बनाना था। रिम्स के निदेशक डॉ. डीके सिन्हा, डीन एकेडमिक्स डॉ. राजीव मिश्रा तथा डीन फैकल्टी डॉ. उमाशंकर प्रसाद केसरी ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्तापूर्ण शोध और साक्ष्य-आधारित नर्सिंग की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने संस्थानों में शोध संस्कृति को मजबूत करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।दो दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने शोध पद्धति,...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.