रांची, नवम्बर 10 -- रांची। रिम्स से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में मिलाने से संबंधित स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई हुई। अदालत के आदेश के अनुपालन में रिम्स प्रबंधन की ओर से शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दायर किया गया। रिम्स ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट और अन्य कचरे के निष्पादन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इस पर अदालत ने पूछा कि क्या टेंडर में बायो मेडिकल वेस्ट और सामान्य कचरे को अलग-अलग निष्पादित करने का प्रावधान किया गया है या नहीं। कोर्ट ने इस संबंध में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट 8 दिसंबर से पहले दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही ह्यूमन राइट कॉन्फ्रेंस संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका पर भी सुनवाई की गई।

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