रांची, जून 21 -- रांची, सवांददाता । रिम्स में इलाज करा रहे मरीजों के सामने आ रही समस्याएं कम नहीं हो रहीं। शनिवार को एक गंभीर मरीज को आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए बेहद अमानवीय स्थिति का सामना करना पड़ा। मरीज के शरीर में पाइप लगे होने, नाक से खाना दिए जाने और हाथ में सलाइन की बोतल लटके होने के बावजूद, परिजनों को उसे सहारा देकर वार्ड से बाहर आयुष्मान कार्यालय तक लाना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान मरीज के लिए व्हीलचेयर या ट्रॉली तक की सुविधा नहीं मिली। दरअसल, आयुष्मान योजना के तहत इलाज की प्रक्रिया पूरी करने के लिए मरीज का बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट अनिवार्य था। यह भी पढ़ें- आयुष्मान भारत योजना: 8 साल बाद भी मुंगेर में 50 फीसदी लाभार्थियों का ही बन सका गोल्डन कार्ड परिजनों ने कहा, ऐसे गंभीर मरीजों के लिए वार्ड में ही बायोमेट्रिक सुव...