रांची, जून 24 -- रांची, संवाददाता। रिम्स की अधिग्रहित जमीन से जुड़े चर्चित फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी प्रमोद महतो को अदालत से झटका लगा है। एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने बुधवार को उसकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे अग्रिम राहत देने से इनकार कर दिया। मामला वर्ष 1964-65 में रिम्स के लिए अधिग्रहित करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि उक्त सरकारी जमीन को निजी संपत्ति के रूप में दर्शाने के लिए आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर फर्जी वंशावली तैयार की। इसके आधार पर जमीन पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकान का निर्माण कराया गया।

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