रांची, जुलाई 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। रिम्स की अधिग्रहित सरकारी जमीन के कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में आरोपी सुमित्रा बड़ाईक को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें एसीबी की जांच में पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया है। सुमित्रा बड़ाईक पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से फर्जी वंशावली तैयार कर रिम्स की अधिग्रहित सरकारी जमीन को अपनी बताकर बिल्डरों के हाथों बेच दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस जमीन पर बाद में मकान और बहुमंजिला अपार्टमेंट का निर्माण कराया गया।जांच में सामने आया कि रिम्स के लिए अधिग्रहित लगभग 9.65 एकड़ सरकारी भूमि के हस्तांतरण में कथित रूप से राजस्व कर्मचारियों, बिचौलियों और बिल्डरों की मिलीभगत रही। मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है...