कानपुर, अगस्त 12 -- कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के पर्यावरण विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (विश्वेश्वरैया इकाई-4) की ओर से राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग दिवस-2026 एवं भारत अंतरिक्ष सप्ताह के अवसर पर ऑनलाइन विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग रहा। मुख्य वक्ता भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस-इसरो), देहरादून की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पूनम एस तिवारी ने बताया कि रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकें वनों, जल संसाधनों, कृषि, भूमि उपयोग परिवर्तन, सूखा, मरुस्थलीकरण और प्राकृतिक आपदाओं की सटीक निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने छात्रों ...