रिमझिम फुहारों से धान की फसलों को मिली संजीवनी
गंगापार, जुलाई 23 -- धान उत्पादक के रूप में परिचित यमुनापार इलाका मानसूनी सिस्टम एक्टिव होने और घने-काले बादलों के बीच भरपूर बारिश के लिए तरसना पड़ रहा है। आषाढ़ माह के अंतिम दिन सूखे में गुजर रहे हैं। जिससे लोगों ने अब सावन माह में बारिश की उम्मीद लगा रखी है।पिछले कई दिनों से आसमान मे काले-घने बादल उमड़ रहे हैं। लेकिन यह बादल सिर्फ पानी की बौछारों तक या थम-थमकर ही सीमित हो जा रहे हैं। बुधवार की तरह गुरुवार को भी ऐसी ही स्थिति रही, जब दिन भर आसमान में मंडराने के बाद दोपहर को बौछारों की स्थिति बनी रही।इस बार मानसून इलाके वैसे भी देर से आया है उसके बाद प्रभावी भी नहीं रहा।जिसकी वजह से अब तक अल्प वर्षा की स्थिति है। यमुनापार इलाके में एक जुलाई अभी तक 201.4 मिमी के आसपास ही बारिश हो पाई है। वैसे देखें तो अच्छी बारिश के लिए आषाढ़ और सावन माह ह...
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