नई दिल्ली, मार्च 6 -- नई दिल्ली, विशेष संवादददाता। मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, जिसको देखते हुए सरकार ने आपात शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भी तेल रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वह एलपीजी (रसोई गैस) का उत्पादन अधिकतम सीमा पर करें। रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वह प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल उत्पादन की जगह प्राथमिकता एलपीजी उत्पादन को दें। आंकड़ों के मुताबिक भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है। बीते वर्ष देश में करीब 33.15 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी की खपत हुई थी। एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का मिश्रण होता है। देश में एलपीजी की कुल खपत का करीब दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा होता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति मध्य पूर्व से आती है। मौजूदा ...