नई दिल्ली, जुलाई 3 -- देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर की अहम भूमिका मानी जाती है। खासकर मैन्युफैक्चरिंग MSME देश में लाखों लोगों को रोजगार देने के साथ औद्योगिक विकास की रीढ़ है। लेकिन, एक नई रिपोर्ट ने इस सेक्टर को लेकर चिंता बढ़ा दी है। TransUnion CIBIL और SIDBI की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग MSME को मिलने वाले कर्ज (Credit) की रफ्तार पिछले 3 सालों में सबसे धीमी रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के लगातार प्रयासों के बावजूद इस सेक्टर में लोन ग्रोथ केवल 13% रही, जबकि अन्य सेक्टर में इससे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह भी पढ़ें- चीनी कंपनियों की मिली बड़ी राहत, पावर स्टॉक्स का हुआ बुरा हाल, 9% तक गिरा शेयर यह भी पढ़ें- 1741 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील, 8% गिरा PB Fintech का शेयर, किस...