नई दिल्ली, जुलाई 29 -- भारत में सड़क परिवहन से होने वाला प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी समस्या है। वर्ष 2024 में इसके कारण हर छह मिनट में एक व्यक्ति की समय से पहले मौत हुई और हर 34 मिनट में बच्चों में अस्थमा का एक नया मामला सामने आया। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (आईसीसीटी) ने बुधवार को हेल्थ बेनिफिट्स ऑफ जीरो-एमिशन ट्रांसपोर्ट थ्रू 2050 नामक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, देश की कुल आबादी का करीब पांच प्रतिशत हिस्सा दिल्ली-एनसीआर में रहता है, लेकिन सड़क परिवहन से होने वाले प्रदूषण के कारण बच्चों में अस्थमा के जितने भी मामले सामने आए, उनमें 23 प्रतिशत अकेले एनसीआर से थे。

प्रदूषण का क्षेत्रीय असर आईसीसीटी के वरिष्ठ शोधकर्ता और अध्ययन के सह-लेखक लिंगझी जिन ने कहा कि सड़क परिवहन से होने वाले प्रदूषण का असर सभी क्षेत्रों ...