नई दिल्ली, जून 30 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी दिल्ली सहित देशभर में ई-कचरे की मात्रा बढ़ती जा रही है। विज्ञान एवं पर्यावरण केन्द्र (सीएसई) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक नौ वर्षों में देशभर में दो गुना से भी ज्यादा ई-कचरा पैदा होने लगा है। चिंता की बात यह है कि इस ई-कचरे के 31 फीसदी हिस्से का अभी भी वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं हो पा रहा है और यह पर्यावरण के लिए चिंता बन रहा है। बदलती जीवन शैली के साथ ही बिजली और बैटरी से चलने वाले उत्पादों का रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल बढ़ा है। इसके साथ ही इनके पुराने पड़कर कबाड़ में तब्दील होने की तादाद भी बढ़ी है। सीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017-18 में देशभर में हर साल सात लाख आठ हजार 445 टन ई-कचरा पैदा होता था। यह वर्ष 2025-26 तक बढ़कर 14 लाख 14 हजार 646 टन तक पहुंच गया है। यह भ...