नई दिल्ली, मार्च 31 -- अगर आपको लग रहा है कि आपका 1.5जीबी या 2जीबी का डेली डाटा पैक आजकल जल्दी खत्म हो रहा , तो दोष सिर्फ रील देखने या यूट्यूब को मत दीजिए। असल में, आपके मोबाइल के भीतर बैठा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (एआई) का दिमाग अब आपके डाटा को डकार रहा है। नोकिया की ताजा रिपोर्ट (एमबीआईटी 2025) ने पहली बार यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि भारत में डाटा खपत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एआई ऐप्स और क्लाउड गेमिंग हैं। एक साधारण गूगल सर्च के मुकाबले, किसी एआई चैटबॉट (जैसे चैट जीपीटी या जैमिनी) से एक सवाल पूछने में लगभग 10 गुना ज्यादा डाटा और प्रोसेसिंग पावर खर्च होती है। यही वजह है कि जैसे-जैसे हम 'स्मार्ट' हो रहे हैं, हमारा डाटा पैक 'दुबला' होता जा रहा है।31 जीबी की 'डिजिटल डाइट'रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में एक औसत भार...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.