नई दिल्ली, मार्च 19 -- Delhi High Court News: अपनी पत्नी और बच्चों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे शख्स को अदालत ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कोई पति स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आधार पर परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अमित महाजन ने की। मामले के अनुसार, एक व्यक्ति ने पारिवारिक अदालत द्वारा तय किए गए मेंटेनेंस को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता (पति) ने दलील दी थी कि उसने समय से पहले नौकरी छोड़ दी है और अब वह एक छोटे किसान के रूप में बहुत कम आय अर्जित कर रहा है। उसने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट ने उसकी आय का गलत आकलन किया है। हालांकि, अदालत ने उसके इस दावे पर संदेह जताया कि कृषि भूमि होने के बावजूद उसे कोई आय नहीं हो रही। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवादों में अक्सर पक्षकार अपनी वास्तविक आय छिपाने की कोशिश करत...
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