नई दिल्ली, मई 31 -- आज के दौर में सोशल मीडिया पर कोई शिकायत वायरल होना नई बात नहीं है। लेकिन बहुत कम ऐसा होता है जब कुछ युवाओं के सवाल देश की सबसे बड़ी शिक्षा संस्थाओं में से एक को बार-बार सफाई देने पर मजबूर कर दें। CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ है, उसकी सबसे खास बात यही है। इस पूरे मामले में न तो शुरुआत किसी राजनीतिक आंदोलन से हुई और न ही किसी बड़े संगठन ने मोर्चा संभाला। कहानी की शुरुआत उन छात्रों और युवाओं से हुई जिन्होंने अपने अनुभव, डॉक्यूमेंट्स की पड़ताल और तकनीकी जांच के आधार पर सवाल उठाए। धीरे-धीरे ये सवाल लाखों लोगों तक पहुंचे और फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गए। गौरतलब है कि इस साल CBSE ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर डिजिटल व्यवस्था अपनाई। बोर्ड का दावा था कि इससे प्रक्र...