रिजर्व बैंक ने NBFCs के लिए लागू किया नया नियम, टाटा संस की बढ़ सकती है टेंशन
नई दिल्ली, जून 24 -- एक लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति वाली नॉन-बैंकिग फाइनेंसिंग कंपनी (NBFCs) को अपर लेयर कैटेगरी में रखा जाएगा। इस नए नियम से टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा संस को रेगुलेटरी राहत मिलने की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है। अब टाटा संस को होल्डिंग कंपनी को एक लिस्टेड कंपनी में बदलना ही होगा। इसके लिए पहले आईपीओ लाना पड़ सकता है।क्यों है आशंका? दरअसल, टाटा संस की FY25 में स्टैंडअलोन परिसंपत्तियां करीब Rs.1.75 लाख करोड़ थीं, जो निर्धारित सीमा से काफी अधिक हैं। हालांकि, फिलहाल रिजर्व बैंक ने न तो टाटा समूह की इस होल्डिंग कंपनी यानी टाटा संस की लिस्टिंग अनिवार्य की है और न ही IPO को लेकर कोई अंतिम फैसला दिया है।क्या कहा रिजर्व बैंक ने? भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि अपर लेयर में आने वाली NBFCs के लिए व्यापक नियमों की जरूरत है। अपर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.