मुजफ्फरपुर, मार्च 18 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। जिले में 48,786 बिजली उपभोक्ता विभागीय रिकॉर्ड में तो दिखते हैं, लेकिन जमीन पर ढूंढ़े नहीं मिल रहे। इनका सही पता और वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इस कारण हर महीने लाखों की बिलिंग अटकी है। लाइन लॉस और चोरी से विभाग को दोहरा नुकसान की संभावना है। गलत डेटा के कारण प्लानिंग और सप्लाई मैनेजमेंट भी प्रभावित है।दिलचस्प यह है कि किरायेदार की हैसियत से रहनेवाले उपभोक्ता अपना ठिकाना बदल चुके हैं। कई कनेक्शन लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं, बावजूद विभागीय सिस्टम में ये सभी कनेक्शन चालू दिख रहे हैं। बिजली कर्मियों के मुताबकि जब टीम बिल देने या जांच को पहुंचती है तो दिए गए पते पर उपभोक्ता नहीं मिल रहे।स्मार्ट मीटर से भी कनेक्टिविटी गायबभगवानपुर के जेई सतीश कुमार का कहना है कि हर मीटर पर कमा...