आगरा, फरवरी 6 -- धोखाधड़ी के एक मामले में खुद को मृत घोषित कर कोर्ट से राहत पाने वाला व्यक्ति 13 साल बाद जिंदा और स्कूटर चलाते हुए पकड़ा गया है। यह चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब वादी पक्ष ने आरोपित को सड़क पर स्कूटर चलाते देख लिया और उसका फोटो खींचकर सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश कर दिया। मामला अब फिर से कोर्ट में पहुंच गया है और पुलिस को आरोपित को पेश करने का आदेश दिया गया है। साजिश और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का खेल यह कानूनी विवाद अप्रैल 1999 में शुरू हुआ था, जब घटिया आजम खां निवासी मदनगोपाल ने ताराचंद शर्मा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। अन्य आरोपितों की मौत के बाद मामला केवल ताराचंद पर रह गया था। जब 2011 में कोर्ट ने कुर्की का नोटिस जारी किया, तो आरोपित पक्ष ने ताराचंद का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र पेश कर दिया। पुलिस ...
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