सीवान, जुलाई 21 -- सीवान, नगर प्रतिनिधि। पश्चिम बंगाल के रानीगंज में साहित्यकार व महान घुमक्कड़ राहुल सांकृत्यायन की आदमकद प्रतिमा तोड़े जाने की जिले के बुद्धिजीवियों ने कड़ी निंदा की है। कहा गया है कि यह असहिष्णुता का प्रतीक है। प्रतिमा को अविलंब पुनर्स्थापित किया जाए।

बुद्धिजीवियों की प्रतिक्रिया बुद्धिजीवियों ने कहा कि राहुल सांकृत्यायन ने भारत की ज्ञान परंपरा को समृद्ध करने में अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने सैकड़ों पुस्तकों की रचना की, स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई, किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा तिब्बत से दुर्लभ पांडुलिपियां लाकर भारतीय विरासत को समृद्ध किया। ये पांडुलिपियां आज पटना संग्रहालय की अमूल्य धरोहर हैं।

सीवान से संबंध कहा गया कि राहुल सांकृत्यायन का सीवान से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने...