लखनऊ, मार्च 14 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता यूपी अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व चेयरमैन व सदस्य विधान परिषद डा. लालजी निर्मल ने कहा कि राहुल गांधी को नेहरू और कांशीराम की वैचारिकी का अंतर ही नहीं मालूम है। डा. निर्मल ने कहा कि कांशीराम जातीय आरक्षण के प्रबल समर्थक थे, जबकि नेहरू जातीय आरक्षण के धुर विरोधी थे। पंडित नेहरू ने 27 जून 1961 को मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में साफ लिखा था कि वे आरक्षण को पसंद नहीं करते, इससे सरकारी कामकाज की दक्षता प्रभावित होगी और दोयम दर्जे का समाज बनेगा।डा. निर्मल ने कहा कि पंडित नेहरू तो डा. अंबेडकर को अपने मंत्रिमंडल में रख ही नहीं पाए, वे कांशीराम को क्या मुख्यमंत्री बनाते। कांग्रेस ने न तो डा. अंबेडकर का सम्मान किया और न ही कांशीराम का। उनके निधन पर कांग्रेस ने कोई राष्ट्रीय शोक तक की घोषणा नहीं की। ...
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