बुलंदशहर, जून 19 -- बुलंदशहर। कृषि विज्ञान केंद्र में गुरुवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में बताया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से हटाकर पारंपरिक एवं विषमुक्त कृषि की ओर अग्रसर करना था। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष डा. अंतुल तेवतिया ने फीता काटकर किया। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अंधाधुंध रसायनों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरता बचाती है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए आवश्यक है। यह भी पढ़ें- रसायनिक खाद का किसान कम करें उपयोग उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनी...