इटावा औरैया, मई 21 -- बकेवर। लवेदी क्षेत्र के ग्राम नवादाखुर्दकला में चल रही रासलीला में कलाकारों ने राजा हरिश्चंद्र के चरित्र की लीला का मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि राजा हरिश्चंद्र के यज्ञ के प्रभाव से देवताओं का सिंहासन हिलने लगता है और उन्हें भय हो जाता है। देवता विश्वामित्र को राजा हरिश्चंद्र की परीक्षा लेने के लिए भेजते हैं। इसके उपरांत वह सपने में राजा हरिश्चंद्र से उनका धन-वैभव और राज्य दान में मांग लेते हैं। सपने में दिए गए वचन को निभाते हुए राजा हरिश्चंद्र पत्नी तारामति और पुत्र रोहिताश्व के साथ काशी आते हैं। धन कमाने के लिए वह स्वयं को डोमराजा को बेच देते हैं एक रात उनकी पत्नी उनके पुत्र की मृत देह लेकर पहुंचती हैं और वह उससे भी कर की मांग करते हैं। यह दृश्य देखकर देवता भी विस्मित रह जाते हैं। कर लेने के बाद जैसे ही वह अपने...