मुंगेर, मार्च 26 -- तारापुर,निज संवाददाता। सोनडीहा स्थित रत्नेश्वर धाम महादेव मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के छठे दिन बुधवार को कथावाचक आचार्य अखिलेशानंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि श्रीकृष्ण बिंब हैं और गोपियां प्रतिबिंब। यह लीला आत्मा और परमात्मा का दिव्य मिलन है। यह जीव और शिव, तथा भक्त और भगवान के मधुर संबंध का अद्भुत प्रतीक है। महारास की लीला मनुष्य को अलौकिक आनंद प्रदान करती है और जीवन में श्रीकृष्ण भक्ति का संचार करती है। इस अवसर पर गोपी-उद्धव संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया गया। आचार्य ने बताया कि ज्ञानीजन ब्रह्म को निराकार रूप में देखते हैं, जबकि प्रेमी उसे साकार रूप में अनुभव करता है। प्रेम मार्ग की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि...