वाराणसी, अगस्त 11 -- वाराणसी। भेलूपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को धर्मसभा में जैन मुनि भावसागर ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा केवल सीमा पर तैनात जवानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का धर्म है। राष्ट्र की रक्षा व्यक्ति, परिवार, धर्म और संस्कृति की सुरक्षा है। देश को अपना घर मानकर हर व्यक्ति को उसकी उन्नति और सुरक्षा में योगदान देना चाहिए। मुनि भावसागर ने कहा कि भारत अहिंसा और शांति की उपासना करने वाला देश है। हमारी संस्कृति और सभ्यता दुनिया में विशिष्ट है। देश एक मंदिर है और हम उसके पुजारी हैं। उन्होंने कहा कि शरीर भी राष्ट्रीय संपत्ति है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीना चाहिए। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर दिया। कहा कि संस्कार किसी इंजेक्शन से नहीं आते। परिवार और समाज को मिलकर बच्चों और...