मोतिहारी, मार्च 6 -- रक्सौल ,एक संवाददाता। नेपाल के आम चुनाव के शुरुआती रुझान देश की राजनीति में एक बड़े बदलाव और भारी उलटफेर का संकेत दे रहे हैं। लंबे समय से सत्ता में रहे नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल (एमाले) और नेकपा जैसे पारंपरिक दलों के लिए यह चुनाव 'खतरे की घंटी' बनकर सामने आया है, जबकि राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभर रही है। मतदाताओं ने पुराने सत्ता समीकरणों को दरकिनार करते हुए बदलाव के पक्ष में जनादेश दिया है। नेपाल के चुनाव में इस बार 'घंटी' की गूंज सुनाई दे रही है। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा), जो कभी चौथे स्थान पर थी, आज सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन्द्र शाह (बालेन) के विजन और नेतृत्व शैली से प्रेरित होकर जनता ने बड़ा समर्थन दिया है। इधर,केपी शर्मा ओली (एमाल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.