राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस : खामोश होती सुबहें और डिजिटल युग की कशमकश
हजारीबाग, अगस्त 21 -- हजारीबाग, हमारे प्रतिनिधि। राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस 21 अगस्त को है। हजारीबाग शहर में बुजुर्गों की अच्छी खासी संख्या है। शहर में बुजुर्गों के लिए एक वृद्धाआश्रम भी है। घरों में रहने वाले ज्यादा बुजुर्ग अब एकाकी जीवन जीने को विवश हो रहे हैं। पूर्व में बुजुर्गों के पास बैठकर उनसे बातचीत लोग किया करते थे पर अब समय की आपाधापी के बीच उनके पास समय निकालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में दिन पर अपना समय बिताना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसे में मोबाइल उनके लिए एक बड़ी सुविधा के रूप में सामने आया है। हालांकि इसके कई प्रतिकूल असर भी हैं। कई बार बुजुर्ग ठगी के शिकार हो जा रहे हैं। बुजुर्गों के लिए पिछले 26 वर्षों से सागर भक्ति संस्था के संस्थापकों में से एक विजय केसरी कहते हैं कि बुजुर्गों के पास समय गुजारने की बड़ी समस्या होती...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.