बागपत, अगस्त 29 -- बड़ौत। कभी कृषि प्रधान जिले के रूप में पहचान रखने वाला बागपत अब छोटे और सूक्ष्म उद्योगों (एमएसएमई) के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस पर जिले की तस्वीर यह बताती है कि हजारों युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार का मजबूत माध्यम एमएसएमई इकाइयां बन चुकी हैं। जिला उद्योग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार जनपद में साढ़े पांच हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हैं। इनमें खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर, इंजीनियरिंग, कृषि आधारित उत्पाद, मिट्टी शिल्प, दोना-पत्तल निर्माण, हस्तशिल्प और अन्य कुटीर उद्योग शामिल हैं। इन इकाइयों से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। एमएसएमई योजनाओं का सबसे बड़ा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। कम पूंजी में शुरू होने वाले उद्योग युवाओं को अपन...