घाटशिला, सितम्बर 4 -- धालभूमगढ़। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम गरीब बच्चों एवं माता-पिता के लिए वरदान साबित हो रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्र के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की खोज कर सरकारी सहायता से हृदय रोग से संबंधित देश के उत्कृष्ट संस्थानों में इलाज के लिए भेजा जा रहा है। इस क्रम में चौइरा गांव की 12 वर्षीय सातवीं कक्षा की छात्रा पायल मुंडा को हृदय रोग के उपचार के लिए कोच्चि के अमृता हृदय संस्थान में भेजा गया था। बच्ची की पहचान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा की गई और उन्होंने बच्ची को भेजने की व्यवस्था की। बच्ची इलाज के बाद स्वस्थ होकर प्रतिदिन विद्यालय आ रही है। पायल मुंडा के विद्यालय आने एवं प्रतिदिन कक्षा पूरी करने से शिक्षक अरुणाभ महतो, तुषार क...