नई दिल्ली, अप्रैल 18 -- दिल्ली की एक अदालत ने करीब 30 साल पुराने हेराफेरी के एक मामले में फैसला सुनाते हुए इसके तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं ऐसे दो आरोपियों, सुनवाई के दौरान जिनकी मौत हो चुकी है, उनके खिलाफ भी कार्यवाही को खत्म कर दिया है। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर शुरू किया गया था, और इसके आरोपियों पर राष्ट्रपति भवन के सचिवालय के दस्तावेजों में हेराफेरी करने का आरोप था। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार इस केस का फैसला दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति माहेश्वरी ने सुनाया और तीनों आरोपियों मोहन लाल जटिया, अशोक जटिया और अशोक जैन को आपराधिक साजिश, सबूतों से छेड़छाड़ और जालसाजी सहित सभी आरोपों से बरी कर दिया। वहीं मामले के दो अन्य आरोपी जो कथित अपराध के समय राष्ट्रपति सचिवाल...