राष्ट्रपति भवन पहुंचा बस्तर के शिल्पकारों का हुनर, क्या है लौह शिल्प और ढोकरा कला
रायपुर, अगस्त 7 -- बस्तर की पारंपरिक शिल्पकला को इस वर्ष एक ऐसा राष्ट्रीय सम्मान मिला है, जिसने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। राष्ट्रपति भवन द्वारा स्वतंत्रता दिवस 'एट होम' समारोह के लिए जारी किए गए विशेष आमंत्रण पत्र में बस्तर की लौह शिल्पकला (रॉट आयरन आर्ट) और बेल मेटल (ढोकरा) शिल्प को प्रमुख स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि बस्तर के शिल्पकारों की पीढ़ियों से चली आ रही विरासत और उनके अद्वितीय कौशल की राष्ट्रीय स्तर पर हुई बड़ी पहचान मानी जा रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी), अहमदाबाद द्वारा तैयार किए गए इस आमंत्रण पत्र में छत्तीसगढ़ के साथ गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता को भी स्थान दिया गया है। खास बात यह है कि आमंत्रण पत्र के साथ बस्तर की लौह शिल्प से निर्मित 'मंकी कार्ड होल्ड...
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