नई दिल्ली, अगस्त 11 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण नियमों को और सख्त बनाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है। विधेयक में विलंबित पंजीकरण के प्रावधानों को अधिक सख्त बनाने के लिए 1969 के जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में संशोधन किया गया है। विधेयक में कहा है कि इससे जन्म और मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना को बढ़ावा मिलेगा। जन्म और मृत्यु का एक साल के अंदर सामान्य प्रक्रिया से पंजीकरण होता है तथा इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह भी पढ़ें- दो साल बाद जन्म-मृत्यु पंजीकरण के कोर्ट का आदेश जरूरी लेकिन यदि जन्म या मृत्यु की सूचना एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर दी ज...