फतेहपुर, मार्च 3 -- फतेहपुर। स्वतंत्रता आंदोलन में शब्दों के बाण से जान फुंकने वाले शब्दों के शहतीर से रुठे व हारे में ऊर्जा भरने वाले प्रथम राष्ट्रकवि की ख्याति और पद्यमश्री से सम्मानित पं सोहन लाल द्विवेदी दोआबा की धरती में जन्मे थे। महान कवि की 121वीं जयंती पर होने वाली काव्य गोष्ठी का तय कार्यक्रम टल गया है। पर्व के बाद आयोजित काव्य सम्मेलन में अधिकारियों समाजसेवियों समेत संभ्रांत लोग शामिल होंगे। बिंदकी तहसील के सिजौली में जन्म लेकर राष्ट्रकवि ने उच्च शिक्षा बनारस में पूरी करते हुए साहित्य और कवियों की ओर रुझान बढ़ा। महामना मदन मोहन मालवीय से मुलाकात के बाद स्वतंत्रता आंदोलन में भागेदारी निभाई। कविताओं के माध्यम से शब्द मात्र से युवाओं में देशप्रेम, जुनून और जज्बा की ऊर्जा भरने के लिए पर्याप्त होते थे। ऐसे ही राष्ट्रपिता महात्मा गांध...