बागपत, अक्टूबर 2 -- खाद्यान्न की कालाबाजारी का खेल जब बेनकाब होने लगा और जांच की आंच गर्दन तक पहुँचती दिखी, तो विभागीय साहिब ने खामोशी से पतली गली पकड़ ली। अगस्त माह में डोला गांव के पास पकड़े गए राशन से लदे ट्रक के बहुचर्चित घोटाले में नाम उछलते ही पूर्ति निरीक्षक रातों-रात लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। साहिब के अचानक इस तरह 'अदृश्य' हो जाने से जिला पूर्ति कार्यालय में सन्नाटा पसरा है, वहीं जनमानस में चर्चा है कि कार्रवाई के डर से पूर्ति निरीक्षक ने छुट्टी का 'सुरक्षा कवच' ओढ़ लिया है। दरअसल, पूर्ति निरीक्षक ने अगस्त माह में चावल से लदे ट्रक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। जांच हुई, तो प्रेषण अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक ओर ठेकेदार की मिलीभगत उजागर हुई थी। जांच में जो बात निकलकर सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। राशन की डिलीवरी बिना दिए...