कठुआ, फरवरी 17 -- भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से बहते पानी की सियासत अब एक बड़े बदलाव की ओर है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर निर्माणाधीन शाहपुर कंडी बांध परियोजना अपने अंतिम चरण में है। इस परियोजना के चालू होने से रावी नदी का वह बचा हुआ पानी, जो अब तक बहकर पाकिस्तान चला जाता था, पूरी तरह रुक जाएगा और इसका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सूखी जमीन को सींचने में किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को जानकारी दी कि इस बांध का काम 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। यह परियोजना विशेष रूप से सूखाग्रस्त कठुआ और सांबा जिलों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। यह बांध न केवल जल संचयन करेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। इस परियोजना से जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों की 32,173 हेक्टेयर से अधिक भूमि और प...