नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- पहलगाम की आतंकी घटना को एक साल बीत चुका है। इस कायराना हरकत के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सिंधु जल समझौता को स्थगित करने के भारत के फैसले का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। सिंधु बेसिन की नदियों के जल उपयोग पर बढ़ते नियंत्रण और तेजी से विकसित हो रही परियोजनाओं ने पाकिस्तान में जल संकट और आर्थिक दबाव को गहरा करना शुरू कर दिया है। पिछले साल भारत ने फैसला तो लिया था, लेकिन तत्काल पानी रोकना संभव नहीं था। बीते एक साल में इतनी तैयारी हो गई है कि अब पाकिस्तान के लिए एक-एक दिन भारी पड़ने जा रहा है। अब भारत की दया से ही पाकिस्तान को पानी मिल सकेगा। सिंधु बेसिन की तीन नदियों रावी, सतलुज एवं ब्यास से पाकिस्तान को 20 फीसदी पानी मिलता था। सिंधु बेसिन में जल रोकने और बांधों की क्षमता बढ़ाने से भारत में जल विद्यु...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.