लखनऊ, दिसम्बर 9 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने रायबरेली में लकड़ी का कोयला बनाने की भट्टी का लाइसेंस वर्ष 2023 में रद होने के बावजूद, इस वर्ष दिसम्बर तक उसके हो रहे संचालन पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने कहा कि लाइसेंस रद होने के बावजूद उक्त भट्टी चलती रही और वन विभाग के सम्बंधित अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, ऐसे में क्यों न माना जाय कि यह कृत्य उनकी साठ-गांठ से हो रहा था। न्यायालय ने प्रमुख मुख्य वन संरक्षक को मामले में पक्षकार बनाने का आदेश देते हुए, उन्हें मामले में वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका की जांच का आदेश दिया है। न्यायालय ने मामले को अगली सुनवायी के लिए फरवरी के दूसरे सप्ताह में सूचीबद्ध करने का आदेश देते हुए, जांच रिपोर्ट भी तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की...
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