सीतापुर, फरवरी 28 -- मिश्रिख, संवाददाता। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ मिश्रिख-नैमिषारण्य की चौरासी कोसी परिक्रमा का रामादल शनिवार सुबह अपने अंतिम पड़ाव देहदानी महर्षि दधीचि की तपोभूति पर पहुंच गया। यहां परिक्रमार्थी पांच दिनों तक रुकेंगे और पंचकोसी परिक्रमा करेंगे। परिक्रमार्थियों के पहुंचते ही तपोभूमि जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठी। साधु-संतों के साथ बड़ी संख्या में गृहस्थों ने भी पंचकोसी परिक्रमा की। मान्यता है कि जो लोग 84 कोसी परिक्रमा से वंचित रह जाते हैं, वह पंच कोसी परिक्रमा कर उतना ही पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। जिसके कारण पंच कोसी परिक्रमा में और अधिक संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। बाबा नारायण दास उर्फ नन्हकू दास के शनिवार तड़के कोल्हुआ बरेठी स्थित दसवें पड़ाव पर डंका बजाते ही परिक्रमार्थी बोल कड़ाकड़ सीताराम सीताराम के जयकारे लग...
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