संभल, जून 10 -- बबराला थाना क्षेत्र के गांव फरीदपुर स्थित चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का रसपान किया। कथा के दौरान प्रस्तुत की गई मनोहारी झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। कथा वाचिका राधा शास्त्री ने भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वयंवर एवं विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि मिथिला नरेश राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का दिव्य धनुष रखा हुआ था। एक दिन माता सीता ने घर की सफाई करते समय उस भारी धनुष को सहजता से उठाकर दूसरी जगह रख दिया। यह देखकर राजा जनक आश्चर्यचकित रह गए, क्योंकि उस धनुष को कोई भी वीर पुरुष हिला तक नहीं पाता था। उन्होंने बताया कि इसके बाद राजा जनक ने प्रण किया कि जो वीर शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा...