मुजफ्फरपुर, मई 24 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सिकंदरपुर स्थित श्री राणी सती मंदिर परिसर में आयोजित दिव्य श्रीमद्भागवत सप्ताह भक्ति-ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिवस कथा वाचक गौड़ेश्वर जगद्गुरु राधावल्लभ दास ने कहा कि भगवान का अवतार केवल अधर्म विनाश के लिए हीं नहीं, बल्कि जीवों पर अपनी करुणा बरसाने एवं उन्हें भगवत प्रेम प्रदान करने के लिए हुआ।उन्होंने समुद्र मंथन से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तक दिव्य अवतार रहस्यों का वर्णन किया। साथ ही राम वनवास एवं भरत चरित्र का वर्णन सुनाया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। समुद्र मंथन प्रसंग की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि संसार रूपी समुद्र में जीव निरंतर संघर्षरत हैं, लेकिन भगवान का नाम ही उसके जीवन का वास्तविक अमृत है। यह भी पढ़ें- राम वनवास एवं भरत चरित्र का वर्णन सुना किया मंत्रमुग्ध वामन अवत...