बलरामपुर, मई 24 -- बलरामपुर संवाददाता। राम जानकी मंदिर बलुहा में चौरसिया समाज की जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन में वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. बीआर चौरसिया ने कहा कि "राम" शब्द का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत व्यापक है। उन्होंने कहा कि जो लोग सामान्यतः "राम-राम" कहने से परहेज करते हैं, उन्हें भी जीवन में कभी न कभी "राम नाम सत्य है" कहना और सुनना पड़ता है। डॉ. चौरसिया ने कहा कि अभिवादन के कई तरीके हैं, जैसे नमस्ते, नमस्कार, प्रणाम और गुड मॉर्निंग, लेकिन "राम-राम" आपसी प्रेम, आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव को सबसे अधिक मजबूत करता है। उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन में राम-राम कहकर अभिवादन करने की अपील की। गोष्ठी में बासुदेव चौरसिया ने पूर्व सांसद एवं लोक अदालत के जनक बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की स्मृति में स्मृति द्वार बनाए जाने क...