राम मंदिर से पहले भी कई बड़े मंदिरों में लागू है CEO व्यवस्था, जानिए कैसे होता है प्रबंधन
नई दिल्ली, सितम्बर 3 -- अयोध्या स्थित राम मंदिर में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के साथ मंदिर प्रशासन देश का ऐसा सातवां बड़ा धार्मिक संस्थान बन गया है, जहां धार्मिक नेतृत्व और रोजमर्रा का प्रशासन अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ संचालित हो रहे हैं। इस सूची में भारत के कई बड़े तीर्थ स्थल शामिल हैं। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में सीईओ, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में सीईओ और पुरी जगन्नाथ मंदिर में चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ही मुख्य प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हैं। इन व्यवस्थाओं में बोर्ड या समिति नीतिगत फैसले लेती हैं, जबकि पेशेवर अधिकारी उनके क्रियान्वयन, वित्त, श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा और रोजमर्रा के संचालन को देखते हैं। जानिए कैसे होता है इन तीर्थों का प्रबंधन- यह भी ...
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