नई दिल्ली, जुलाई 7 -- अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की बैठक के दूसरे दिन कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महराज ने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बातें रखीं। उन्होंने चंपत राय की तुलना मां सीता से की और ड्राइवर टिन्नू को मारीच बताया। हिन्दुस्तान के साथ बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि ऐसा उनकी कार्यपद्धति के कारण हुआ। जैसे भगवती सीता ने मारीच पर भरोसा कर लिया, उसी प्रकार उन्होंने अपने ड्राइवर टिन्नू पर भरोसा कर लिया। इतना बड़ा, लंबा फैला हुआ काम, उसको विकेंद्रीयकृत करना चाहिए था। कहा कि पहले यह बातें चर्चा में आती थी लेकिन वह इन बातों को इग्नोर (नजरंदाज) करते थे। उनको गलता था कि हो जाएगा, हो जाएगा। यही तो शिथिलता है, यही तो असावधानी है। इसलिए लोगों का जो आकलन है, वह एकदम सही है कि उनको ट्रस्ट से नहीं जाना चाहिए था। उनकी असावध...