रोहित कुमार सिंह, अयोध्या, जून 27 -- अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दो साल बाद चंदे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया है। उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा जांच के आदेश देने और एफआईआर दर्ज होने के बाद अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आइए जानते हैं कि समाजवादी पार्टी के एक नेता के आरोप से शुरू हुआ यह मामला इतनी बड़ी कार्रवाई तक कैसे पहुंचा।कैसे हुई विवाद की शुरुआत? इस पूरे विवाद की शुरुआत 7 जून को हुई थी। समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे से 5 करोड़ से लेकर 7.5 करोड़ रुपये तक का गबन किया गया है। हालांकि, उसी दिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। चंपत राय ने दावा किया कि भक्तों द्वारा दान किए गए एक-एक रुपये ...