राम भोग के नहीं भाव के भूखे : पंडित रविशंकर
मुजफ्फरपुर, जून 15 -- मुजफ्फरपुर, हिप्र। छाता चौक स्थित चित्रगुप्त एसोसिएशन कार्यालय परिसर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा का समापन सोमवार को हो गया। कथा के अंतिम दिन पंडित रविशंकर ठाकुर ने कहा कि श्री राम जन्म का उद्देश्य, रावण वध तो था ही, भक्तों को दर्शन देना भी मूल कारण था। कहा, राम भोग के नहीं, भाव के भूखे हैं। हर युग में धरती का भार हरण करने परमात्मा धरती पर आते ही हैं। मौके पर पुष्पवर्षा कर होली खेली गई। यजमान डॉ. राजीव कुमार, सुनीति सिन्हा, डॉ. अजय कुमार, कल्पना कुमारी, संजय श्रीवास्तव, अनामिका ने पूजा-अर्चना की। अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव कुमार एवं चित्रगुप्त एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजय नारायण सिन्हा ने संयुक्त रूप से नौ दिवसीय रामकथा को सफल बनाने में विशिष्ट योगदान करने वालों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र पहनाकर सम्मा...
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