कन्नौज, मई 14 -- छिबरामऊ, संवाददाता। सकरावा कस्बे के प्रसिद्ध काली देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य पंडित विवेक तिवारी ने अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने हिरण्यकश्यप वध का प्रसंग सुनाते हुए धर्म, भक्ति और भाईचारे का महत्व बताया। आचार्य विवेक तिवारी ने कहा कि आज के समय में संपत्ति और स्वार्थ के कारण भाइयों के बीच विवाद बढ़ते जा रहे हैं, जबकि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, प्रेम और मर्यादा का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने पिता के वचन और भाई के प्रेम की खातिर राजपाट त्यागकर 14 वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार किया। यह भी पढ़ें- भगवार राम का जन्म मर्यादा, धर्म व आदर्श का है जन्म यही आदर्श समाज और परिवार को नई दिशा देने का कार्य करता ...