बागपत, सितम्बर 27 -- श्री प्रेम मंडल रामलीला कमेटी के सौजन्य से बिनौली के शिव मंदिर में चल रही रामलीला में राम के वन गमन को देख दर्शक भावुक हो गए। मंचन में पिता की आज्ञा पाकर राम लक्ष्मण व सीता वन पथ पर प्रस्थान करते हैं। वन पथ पर राम को जाता देख अयोध्या की प्रजा उनके साथ हो लेती है रास्ते में वह प्रजा को बिना बताए प्रस्थान कर जाते हैं। राम के वनगमन के बाद राजा दशरथ प्राण त्याग देते है। भरत को उनके ननिहाल से बुलाया जाता है। अयोध्या आने के उपरांत उन्हें घटना क्रम की जानकारी होती है, जिससे कुपित होकर भरत अपनी माता कैकेयी से नाराज होते हैं। भरत राम को वन से लौटाने के लिये वन प्रस्थान करते है का कलाकारों ने मनमोहक मंचन किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.