बागपत, अप्रैल 3 -- कस्बे के श्री विश्वकर्मा मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में शुक्रवार को भगवान श्रीराम के वनगमन का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। वृंदावन के कथावाचक गिरधारी लाल शास्त्री ने श्रीराम के आदर्श जीवन का वर्णन करते हुए बताया कि उन्होंने पिता द्वारा माता कैकई को दिए गए वचनों की मर्यादा रखते हुए वनवास को सहर्ष स्वीकार किया। जब माता सीता और लक्ष्मण ने भी उनके साथ वन जाने का निश्चय किया, तो कथा का वातावरण और अधिक भावुक हो गया। कथा के दौरान भक्ति, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी पंडित रामेश्वर, मुकेश गुप्ता बाबूजी, संजय सिंघल, राजकुमार बंसल, रामेश्वर शर्मा, बाबूलाल पालीवाल, मनोज बंसल, अमित गुप्ता, चिराग अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सेवा...
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