सिद्धार्थ, मार्च 18 -- पथरा बाजार, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के पेड़ार गांव में राम जानकी मंदिर पर चल रहे रामकथा में कथावाचक चंचल ने राम-केवट संवाद की कथा सुनाई। कथा सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथावाचक ने कहा कि भगवान राम का जीवन त्याग और मर्यादा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भक्ति में ऊंच-नीच का कोई स्थान नहीं होता, बल्कि केवल प्रेम और श्रद्धा ही सर्वोपरि है। प्रभु राम 14 वर्ष वनवास के लिए सीता और लक्ष्मण के साथ गंगा घाट पर पहुंचे और केवट से गंगा पार करने के लिए नाव मांगा। केवट ने कहा कि पहले पांव धुलवाओ फिर नाव पर चढ़ाऊंगा। कथावाचक ने कहा कि जिससे पूरी दुनिया मांगती है आज गंगा पार जाने के लिए दूसरे से मदद मांग रहे हैं, जो सारे सृष्टि को तीन पग में नाप सकता है, क्या वह पैदल गंगा नहीं पार कर सकता। भगवान दूसरों की मर्यादा को स...
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