राम का शील ही बनाता है उन्हें पुरुषोत्तम
बरेली, जून 3 -- मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में पुरुषोत्तम मास पर चल रही सप्त दिवसीय रामचरितमानस कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं. बृजेश पाठक ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने प्रभु राम के रूप, शील व बल का वर्णन जनकपुर, अयोध्या व लंका के माध्यम से किया है। कैकेयी, दशरथ व परशुराम के व्यवहार पर भी राम का शील अडिग रहा। यही गुण उन्हें महान बनाता है। अध्यक्ष सुशील अरोड़ा व सचिव रवि छाबड़ा ने कथा व्यास का स्वागत किया। कथा 8 जून तक रोज रात 8 से 9:15 बजे होगी। अंत में भंडारा हुआ।
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