मथुरा, मार्च 27 -- प्रभु श्रीराम का श्रीकृष्ण की जन्म स्थली मथुरा से गहरा नाता रहा है। पंडित अमिम भारद्वाज का कहना है कि पौराणिक उल्लेख के अनुसार मथुरा श्रीराम के पूर्वज भक्त ध्रुव की तपस्थली रही है। यहीं ध्रुव को नारद जी ने द्वादश अक्षर मंत्र दिया व तपस्या के बाद मथुरा में ही ध्रुव को नारायण का दर्शन हुआ। उन्होंने बताया कि यमुना किनारे ध्रुव टीला मंत्र स्थली एवं मधुवन महोली गांव में तपस्या के बाद नारायण का दर्शन हुआ था। वहां ध्रुव नारायण का मंदिर है। राम के अनुज शत्रुघ्न की राजधानी भी मथुरा रही है। लवणासुर का बध करके शत्रुघ्न ने यहां शासन किया था। लवणासुर की गुफा महोली गांव में मौजूद है। चक्रवर्ती सम्राट बनने के लिए राम ने राजसूय यज्ञ करना था, मुनि वशिष्ठ ने राजसूय यज्ञ से पूर्व रावण को मारने से राम पर लगे ब्रह्म हत्या दोष निवारण के लिए ...
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