बदायूं, दिसम्बर 28 -- बिसौली। नगर की तहसील कॉलोनी स्थित हरी बाबा मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में कथवाचक देशपाल भारद्वाज ने भगवान श्री राम का जन्मोत्सव का मनमोहक दृष्टांत सुनाया। कहा, अयोध्या के प्रतापी राजा दशरथ ने अपने गुरु ऋषि वशिष्ठ के परामर्श भी पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ की पूर्णाहुति पर अग्निदेव प्रकट हुए और दिव्य खीर प्रदान की, जिसे राजा दशरथ ने अपनी तीनों रानियों-कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा-में बाँट दिया। कुछ समय बाद रानियां गर्भवती हुईं। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र में, कौशल्या के गर्भ से भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्म हुआ। उसी समय कैकेयी से भरत तथा सुमित्रा से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। श्रीराम का जन्म पृथ्वी पर बढ़ते अधर्म, अन्याय और राक्षसी प्रवृत्तियों के नाश के लिए हुआ था। वे ...
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